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अर्थशास्त्रः UPSC परीक्षा 2018 के लिए तैयारी कैसे करें?

Economics Preparation Guide in Hindi

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अर्थव्यवस्था महत्वूर्ण क्षेत्रों में से एक है जहां कई लोगों को एक अच्छी तैयारी के बाद भी अवधारणात्मक प्रश्न मुश्किल प्रतीत होते हैं। UPSC हमेशा साधारण मूलभूत प्रश्नों को प्राथमिकता देती आयी है जहां अवधारणाओं की पूर्णतया स्पष्ट समझ, परिभाषा और इसके उद्देश्य को जाना जाना चाहिए।

इस विषय की एक अच्छी समझ एक बहुत स्पष्ट ज्ञान की माँग करती है। आधी तैयारी की रणनीति आत्मघाती होती है जिसमें विद्यार्थी चिंता और भय में उत्तरों को अंकित करते हैं। कम समय में लेकिन उन्मुख अध्ययन से उम्मीदवार अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं जो उम्मीदवारों को सीमा पार करने में सहायता प्राप्त करते हैं।

हम इस ब्लाॅग में UPSC प्रीलिम्स 2018 के लिए अर्थव्यवस्था हेतु आवश्यक एक संरचित और पूर्ण रणनीति को प्रस्तुत करते हैं। कृपया गहरे शब्दों पर ध्यान दें। यहां UPSC परीक्षा – अर्थशास्त्र की तैयारी के लिए एक तरीका है।

प्रत्येक वर्ष हमें पूछे गए प्रश्नों की बहुत अच्छी संख्या प्राप्त होती है। आइए आवश्यक संसाधनों के साथ हम अपनी रणनीति को प्रारंभ करें।

संसाधन:

  • मैक्रो इकोनोमी NCERT कक्षा 12
  • माइक्रो इकोनोमी NCERT कक्षा 12
  • रमेश सिंह द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था
  • पारिस्थितिकी सर्वेक्षण 2018
  • भारतीय बजट 2018
  • इंडिया ईयर बुक 2018

ये संसाधनों की व्यापक सूची है जहां हर विषय का अध्ययन किया जा सकता है।

UPSC CSE 2018

रणनीतिः

किसी भी मानक पाठ्यपुस्तक को पढ़ने से पहले आपको NCERT पुस्तकों के साथ प्रारंभ करना होगा। परीक्षा के लिए NCERT एक बहुत ही स्पष्ट और आवश्यक समझ प्रदान करती है।

माइक्रो अर्थशास्त्र NCERT के साथ प्रारंभ करें। इस पाठ्यपुस्तक का चुनिंदा रूप से अध्ययन किया जाना चाहिए।

  • अध्याय 1 और 5 को अत्यंत महत्वपूर्णता के साथ समतुल्यता के चार्ट के साथ पूरी तरह से पढ़ा जाना चाहिए।

दूसरे अध्यायों से इन विषयों को सीखिए। चार्ट की गहराई में मत जाइए क्योंकि परीक्षा में इसका महत्व नहीं होता है।

  • बजट सेट
  • बजट लाइन
  • तटस्त वक्र
  • मांग वक्र के साथ गतियां
  • मांग का लचीलापन
  • आपूर्ति वक्र
  • आपूर्ति वक्र के साथ गतियां
  • कुल उत्पाद, सीमांत उत्पाद, औसत उत्पाद के समीकरण
  • सीमांत उत्पाद कम करने के नियम और चर अनुपात के नियम

मैक्रो अर्थशास्त्र NCERT आगे आता है।

इस पुस्तक का कोई भी भाग पीछे नहीं छोड़ा जा सकता है। इस पुस्तक में प्रत्येक शब्द को समझना चाहिए। आसान और कुछ बहुत अच्छे स्पष्टीकरण प्रदान किए गए हैं।

  • राष्ट्रीय आय लेखा सबसे महत्वपूर्ण विषय है।
  • धन और बैंकिग के कार्य – धन की आपूर्ति।
  • आय निर्धारण – गुणक क्रियाविधि और गतियों का वक्र संरेखण।
  • सरकार के कार्य- वित्तीय संकल्पना बहुत महत्वपूर्ण हैं।
  • खुली अर्थव्यवस्था – बहुत महत्वपूर्ण अवधारणाएं जैसे बीओपी, विनिमय दर बहुत महत्वपूर्ण हैं।

UPSC CSE 2018

यहां रमेश सिंह परीक्षा के लिए आवश्यक शेष विषयों के साथ सहायता करते हैं। यह बहुत ही बड़ी पुस्तक है लेकिन एनसीईआरटी में पढ़ी अवधारणों के रिवीज़न में सहायता करती है जहां पुस्तक एनसीईआरटी के समान संरचना का ही अनुसरण करती है। हम उन विषयों को सूचीबद्ध करते हैं जिन्हें पढ़ा जाना चाहिए और जो एनसीईआरटी में शामिल नहीं हैं।

  • योजना निर्माण और अनेक योजनाएं और उद्देश्य।
  • नीति आयोग की भूमिका।
  • विकास और निवेश प्रतिरूप।
  • आर्थिक सुधार – LPG
  • मुद्रास्फीति और व्यापार चक्र।
  • क्षेत्र अनुसार अध्ययन और कृषि, विर्निमाण एवं सेवाओं की विकास दर।
  • APMC अधिनियम और आवश्यक वस्तु अधिनियम।
  • औद्योगिक नीतियां और विनिर्माण पर इसका असर।
  • FDI, व्यापार करने की सुगमता।
  • बैंकिंग क्षेत्र के कुछ पद जैसे NPA, NBFC आदि।
  • वित्तीय बाज़ार – केवल अवधारणाओं को जाने, इसमें गहराई में नहीं जाएं।
  • अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संगठन और ट्रेड यूनियन – एक ब्लाॅग पहले से प्रस्तुत किया गया है।
  • अर्थव्यवस्था में विभिन्न घाटे
  • विश्व बैंक और आईएमएफ पर जोर देने के साथ बाहरी क्षेत्र

Discussion Forum

आर्थिक सर्वेक्षण 2018

कृप्या ईको सर्वे 2018 पर हमारे विशेष ब्लाॅग को देखें और फिर पढ़ने के लिए दस्तावेज पर जाएं। आप ब्लाॅग में पहले से उल्लेख किए गए महत्वपूर्ण विषयों की ओर उन्मुखीकरण के साथ अध्ययन कर सकते हैं।

वास्तविक और स्थिर पदों दोनों में जीडीपी संख्याओं जैसे कुछ आंकड़ों पर ध्यान दें।

  • सकल पूंजी निर्माण
  • घरेलू बचत
  • FDI प्रवाह
  • राज्य और उनके आदेश का प्रदर्शन
  • कन्वर्जेंस स्टाॅल
  • मानव विकास सूचकांक
  • जनगणना अनुपात
  • जलवायु परिवर्तन और प्रभाव

बजट विकास 2018

यहां भी हमने एक ब्लाॅक प्रदान किया है और दस्तावेज को व्यापक रूप से कवर किया है। यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना कि ऊपर दिए गए अन्य विषय हैं लेकिन निम्न उल्लेखित विषयों पर एक नज़र डालने की आवश्यकता है।

  • क्षेत्रों के प्रदर्शन
  • नई योजनाएं
  • क्षेत्रवार आवंटन
  • दीर्घ अवधि पूंजी लाभ कर
  • जीडीपी संख्याएं
  • भविष्य का पूर्वानुमान
  • कृषि उत्पादन संख्याएं

UPSC CSE 2018

इंडिया ईयर बुक

यह ऊपर दिए गए सभी विषयों को कवर करती एक पुस्तक है। लेकिन आंकडों को पढ़ने के दौरान सावधान रहें क्योंकि इन्हें बार-बार अपडेट नहीं किया जाता है और एक या दो बार क्राॅस चेक किया जाता है। इनमें योजनाएं, सांख्यिकी, क्षेत्रवार आवंटन, क्षेत्रीय प्रदर्शन और अधिक शामिल हैं। पुराने प्रश्नों का अभ्यास करें क्योंकि इन्हें बहुत बार दोहराया गया है। पुराने प्रश्नों को करने के दौरान आप वैचारिक स्पष्टता प्राप्त कर सकते हैं।

नमूना प्रश्न:

‘मूल बैंकिंग समाधान’ शब्द को कभी-कभी समाचारों में देखा जाता है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन इस शब्द का सर्वश्रेष्ठ वर्णन करता है।

  1. यह बैंक की शाखाओं की एक नेटवर्किंग है जो बैंक की किसी भी शाखा से अपने खाते के संचालन के लिए ग्राहकों को सक्षम बनाती है चाहे वे अपने खाते को कहीं भी खोलते हों।
  2. यह कम्प्यूटरीकरण के माध्यम से वाणिज्यिक बैंकों पर आरबीआई के निंयत्रण को बढ़ाने का प्रयास है।
  3. यह एक विस्तृत प्रक्रिया है जिसके द्वारा बड़ी गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों वाला बैंक दूसरे बैंक द्वारा अधिग्रहित किया जाता है।

नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर का चयन करें।

  1. केवल 1
  2. 2 और 3 केवल
  3. 1 और 3 केवल
  4. 1,2 और 3

उत्तर: a

‘कारोबार सुगमता’ में भारत की रैंकिंग कभी-कभी समाचारों में दिखाई देती है। निम्नलिखित में से कौन ने इस रैंकिंग की घोषणा की है?

  1. आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD)
  2. विश्व आर्थिक मंच
  3. विश्व बैंक
  4. विश्व व्यापार संगठन (WTO)

उत्तर: C

निम्न चल परिसंपत्ति पर विचार करें:

  1. बैंक के साथ डिमांड जमा
  2. बैंक के साथ समय जमा
  3. बैंक के साथ बचत जमा
  4. मुद्रा

चल निधि के अवरोही क्रम का सही अनुक्रम है

a.1-4-3-2

b.4-3-2-1

c.2-3-1-4

d.4-1-3-2

उत्तरः D

उपरोक्त सूचीबद्ध सभी को पढ़ने के पश्चात उम्मीदवार को इन्हें दोहराना चाहिए क्योंकि पाठ्य पुस्तकों में उल्लेख से भिन्न पूछे जाने पर यह बहुत भ्रमित हो सकते हैं। अवधारणाओं और संख्याओं का संपूर्ण रिवीज़न करें।

इस तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण भागा टेस्ट की तैयारी करना है। एक टेस्ट श्रृंखला की सदस्यता लें और यदि आपने अभी तक शुरू नहीं किया है तो टेस्ट देना शुरू करें। उन प्रश्नों को ध्यान रखें जो गलत हो गए हैं और उन्हें फिर से करना शुरू करें।

अर्थव्यवस्था एक कठिन विषय नहीं है यदि इसका सही संसाधनों के साथ अध्ययन किया जाए और प्रश्नों की अच्छी संख्या का अभ्यास किया जाए। अर्थशास्त्र की तैयारी एकमात्र ऐसा विषय है जो मुख्य रूप से परिवर्तित नहीं होता है जबकि यह मुख्य रूप से नहीं आता है। ये दोनों तैयारियां बहुत कम परिवर्तित होती हैं इसलिए छात्रों को इनकी तैयारी को करने की योजना बनानी चाहिए और परीक्षा में सफलता को प्राप्त करना चाहिए।

शुभकामनांए!

UPSC CSE 2018


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