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UPSC सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए NCERT पुस्तकों का किस प्रकार उपयोग करें

यह एक सामान्य ज्ञान है कि NCERT पुस्तकें UPSC सिविल परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे व्यापक रूप से सिफारिश की गई पुस्तकें हैं। UPSC सिविल सेवा परीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण भाग NCERT पुस्तकों को प्रभावी रूप से पढ़ना है।

UPSC CSE उम्मीदवारों को सामान्यतः अन्य बड़ी संदर्भ पुस्तकों को पढ़ने से पूर्व NCERT पुस्तकों को पढ़ने की सलाह दी जाती है (हालांकि ऐसा कोई दृढ़ नियम नहीं है), जिससे कि आपकी नींव मजबूत बनाने में आपको सहायता प्रदान हो। परिणामस्वरूप NCERT पुस्तकों को पढ़ने के पश्चात संदर्भ पुस्तकों को समझना सरल हो जाता है।

लेकिन NCERT की सैंकड़ों पुस्तकें हैं और पाठ्यविवरण विशाल है, जो कि भारी हो सकता है एवं आापको तनावग्रस्त कर सकता है। पर घबराईये नहीं। आपको सभी NCERT पुस्तकें पढने की आवश्यकता नहीं है। निम्नलिखित लेख में हम आपको NCERT पुस्तकों का उपयोग कैसे करें एवं उन्हें चयन करके कैसे अध्ययन करें इसके विषय में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

कौन सी पुस्तकें पढ़ें

प्रारंभिक UPSC CSE के लिए यह अनुशंसा की जाती है कि आप कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की NCERT पुस्तकों को पढ़ें। यह महत्वपूर्ण है कि आप पुस्तकों को विषय अनुसार पढ़ें(पाठ्य विवरण को देखें), न कि अध्याय अनुसार।

इससे पूर्व कि आप प्रारंभ करें आप पिछले वर्षों की प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न पत्रों को देखें और उनका विश्लेषण करें। इससे आपको UPSC द्वारा प्रत्येक विषय के अंतर्गत पूछे गए प्रश्नों के प्रकार के बारे में एक संक्षेप अंदाजा प्राप्त होगा। यह जानने से कि प्रत्येक विषय के अंतर्गत क्या महत्वपूर्ण है आपका दृष्टिकोण सरल बनेगा।

UPSC CSE प्राथमिक परीक्षा में विस्तृत रूप से प्रस्तुत होते विषयों और संबंधित NCERT पुस्तकें जिनका आपको संदर्भ लेना चाहिए, की सूची निम्नलिखित हैः

इतिहासः

कक्षा 6: हमारा अतीत ।

कक्षा 7: हमारा अतीत ।।

कक्षा 8: हमारा अतीत ।।। (भाग 1 और 2)

कक्षा 9: भारत और समकालीन विश्व – । और ।।

कक्षा 10: विश्व इतिहास में प्रसंग, भारत और समकालीन विश्व ।।

कक्षा 11: विश्व इतिहास में प्रसंग (औद्योगिक क्रांति)

कक्षा 12: भारतीय इतिहास में प्रसंग ।, ।। और ।।।

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भारतीय समाज

कक्षा 11: समाजशास्त्रः समाज को समझना

कक्षा 12: भारतीय समाज

 

कला और संसकृति

कक्षा 11: भारतीय कला से परिचय

कक्षा 11: भारत की जीवित शिल्प परम्पराएं (अध्याय 9 और 10)

कक्षा 12: भारत की शिल्प परम्पराएं

 

भूगोल

कक्षा 6: पृथ्वीः हमारा आवास

कक्षा 7: हमारा पर्यावरण

कक्षा 8: संसाधन और विकास

कक्षा 9: समकालीन भारत – ।

कक्षा 10: समकालीन भारत – ।।

कक्षा 11: भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत

कक्षा 11: भारत – भौतिक पर्यावरण

कक्षा 12: मानव भूगोल के मूल सिद्धांत

कक्षा 12: भारत – लोग एवं अर्थव्यवस्था

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अर्थशास्त्र

कक्षा 9-12

कक्षा 9: अर्थशास्त्र

कक्षा 10: आर्थिक विकास को समझना

कक्षा 11: भारतीय आर्थिक विकास

कक्षा 12: परिचयात्मक सूक्ष्म अर्थशास्त्र

कक्षा 12: परिचयात्मक समष्टि अर्थशास्त्र

 

राज्य-शासन-विधि

कक्षा 9-12

कक्षा 9: लोकतांत्रिक राजनीति ।

कक्षा 10: लोकतांत्रिक राजनीति ।।

कक्षा 11: कार्य पर भारतीय संविधान

कक्षा 11: राजनीतिक सिद्धांत

कक्षा 12: समकालीन विश्व राजनीति

कक्षा 12: स्वतंत्रता से भारत में राजनीति

 

समाजशास्त्र

कक्षा 12: भारत में सामाजिक परिवर्तन और विकास

 

विज्ञान और प्रौद्योगिकी

कक्षा 7-10 (सभी पुस्तकें), कक्षा 11 और 12 (चयनित)

कक्षा 6: जीवित जीव और उनका परिवेश (अध्याय 9)

कक्षा 7: मौसम, वातावरण और पशुओं की अनुकूलता (अध्याय 7)

कक्षा 7: मृदा (अध्याय 9)

कक्षा 8: फसल की उपज और रखरखाव (अध्याय 1)

कक्षा 8: कोयला और पेट्रोलियम (अध्याय 5)

कक्षा 8: पेड़ों और पशुओं का संरक्षण (अध्याय 7)

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कक्षा 8: घर्षण (अध्याय 12)

कक्षा 8: वायु और जल का प्रदूषण (अध्याय 18)

कक्षा 9: प्राकृतिक संसाधन (अध्याय 14)

कक्षा 10: ऊर्जा के स्रोत (अध्याय 14)

कक्षा 10: हमारा पर्यावरण (अध्याय 15)

कक्षा 10: प्राकृतिक संसाधनों का रखरखाव (अध्याय 16)

कक्षा 12: परिस्थिति-विज्ञान (इकाई 10)

·         अध्याय 13: जीव और जनसंख्या

·         अध्याय 14: पारिस्थितिक तंत्र

·         अध्याय 15: जैव-विविधता और संरक्षण

·         अध्याय 16: पर्यावरण के मुद्दे

कक्षा 11: रसायन शास्त्र (इकाई 14) जीवविज्ञान (इकाई 4 और 5)

कक्षा 12: रसायन शास्त्र (इकाई 16) जीवविज्ञान (इकाई 8,9 और 10)

 

पर्यावरण और पारिस्थिति

कक्षा 12: जीवविज्ञानः अंतिम 4 अध्याय (13 से 16)

जैव प्रौद्योगिकी पर अध्याय

 

कितनी बार पढ़ना है

यह अनुशंसा की जाती है कि आप उपरोक्त उल्लेखित NCERT पुस्तकों को कम से कम 3 बार पढ़ें।

कैसे पढ़ें (अनुशंसित दृष्टिकोण)

प्रथम पठनः

जब पहली बार आप पुस्तकें पढ़ें तो उन्हें उपन्यास के रूप में पढ़ें। महत्वपूर्ण बिंदुओं को हाइलाइटर (यदि ईबुक है तो) या पेंसिल (यदि कागजी प्रति है तो) के प्रयोग से चिन्हांकित करें। साथ में शब्दकोष रखें। यदि आप कोई कठिन शब्द पाते हो तो तुरंत देखें। यदि आपको कोई विशिष्ट अवधारणा समझ न आ रही हो तो गूगल का प्रयोग करे और उसके विषय में पढ़ें।

चिन्हांकित करने पर टिप्पणी (कैसे जानें कि क्या चिन्हांकित करना है):

यह महत्वपूर्ण है कि आप जाने कि किस जानकारी को चिन्हांकित करना है और किसे नज़रअंदाज करना है। यह पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों के विश्लेषण से ज्ञात किया जा सकता है। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करने से आपको प्रत्येक विषय के अंतर्गत पूछे गए प्रश्नों के प्रकार समझ में आएंगे। उदाहरण के लिए, यदि आप विभिन्न शासकीय योजनाएं और नीतियों के विषय में अध्ययन कर रहे हैं तो आपको नीतियों के लाभ और हानियां, उन नीति की आवश्यकता और उनके दृष्टिकोण पर केंद्रित होना चाहिए। यदि आप किसी विशिष्ट उद्योग के विषय में अध्ययन कर रहे हैं तो आपको उद्योग का स्थान, इसके स्थान को प्रभावित करने वाले कारक, सामना की गई चुनौतियां, अवसरों और वर्तमान स्थिति पर केंद्रित होना चाहिए।

द्वितीय पठनः

दूसरे पठन को प्रारंभ करने के पूर्व अपने प्रथम पठन के पश्चात 2 से 3 दिनों का अंतराल दें। अपने दूसरे पठन के दौरान अनावश्यक विवरण को नजरअंदाज करें और अपने द्वारा प्रथम पठन के दौरान चिन्हांकित की गई टिप्पणियों पर केंद्रित हों। यह प्रयास करने के लिए एक एक अच्छा तरीका है जिससे कि प्रत्येक अध्याय को पुनः अवलोकन करने के पूर्व आप प्रथम पठन के दौरान अपनी समझ को स्मरण कर सकें।

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तृतीय पठनः

अब जब कि आपका द्वितीय पठन हो चुका है, तो यह समय है कि आपके द्वारा किए गए अध्ययन को आप संक्षेप में प्रस्तुत करें। तृतीय पठन आपके प्रथम एवं द्वितीय पठन की तुलना में तीव्र होना चाहिए। तृतीय पठन के दौरान आप प्रत्येक अध्याय के चिन्हांकित अंशों पर एक नज़र डालेंगे। प्रयास करें कि आपके द्वारा अध्ययन किए गए अवधारणाओं को आप वर्तमान मुद्दों से जोड़ें और बिंदुओं को जोड़ें।

आप उपरोक्त उल्लेखित दृष्टिकोण का अनुसरण कर सकते हैं या अपने दृष्टिकोण और रणनीति के निर्माण के लिए इसे NCERT पुस्तकों को पढ़ने हेतु मार्गदर्शन के रूप में उपयोग कर सकते हैं।

आशा करते हैं यह आपकी सहायता करेगा। शुभकामनाएं!

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