UPSSSC स्टेनोग्राफर पाठ्यक्रम
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UPSSSC स्टेनोग्राफर पाठ्यक्रम 2026, महत्वपूर्ण विषय देखें

UPSSSC स्टेनोग्राफर पाठ्यक्रम 2026 में सामान्य हिंदी, रीजनिंग, सामान्य बुद्धिमत्ता, सामान्य ज्ञान, कंप्यूटर ज्ञान तथा उत्तर प्रदेश से संबंधित सामान्य जानकारी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। पाठ्यक्रम को समझना उत्तर प्रदेश में स्टेनोग्राफर के रूप में सरकारी नौकरी पाने की दिशा में आपका पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। चाहे आप अपनी तैयारी की शुरुआत कर रहे हों या अंतिम चरण में दोहराव कर रहे हों, विस्तृत पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न और सही रणनीति को समझना बेहद आवश्यक है। यह मार्गदर्शिका अभ्यर्थियों के लिए UPSSSC स्टेनोग्राफर पाठ्यक्रम 2026 से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को विस्तार से कवर करती है।

UPSSSC स्टेनोग्राफर के लिए पाठ्यक्रम क्या है?

UPSSSC स्टेनोग्राफर का पाठ्यक्रम उपमा (Analogies), समानताएँ, वाक्य सुधार, रक्त संबंध, भारतीय इतिहास एवं संस्कृति, इंटरनेट संचार प्रोटोकॉल की मूल बातें आदि जैसे महत्वपूर्ण विषयों से मिलकर बना है। चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से तीन चरणों में आयोजित की जाती है, जो इस प्रकार हैं:

  • लिखित परीक्षा
  • कौशल परीक्षा (शॉर्टहैंड एवं टाइपिंग टेस्ट)
  • दस्तावेज़ सत्यापन


UPSSSC स्टेनोग्राफर परीक्षा अवलोकन 2026

जो अभ्यर्थी UPSSSC के अंतर्गत स्टेनोग्राफर पद पर चयनित होना चाहते हैं, उन्हें परीक्षा से जुड़ी बुनियादी जानकारियों से अवगत होना चाहिए। नीचे दी गई महत्वपूर्ण जानकारी को ध्यानपूर्वक देखें:

तत्वविवरण
भर्ती संस्थाउत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC)
पद का नामस्टेनोग्राफर
भर्ती चक्र2025–26
कुल रिक्तियाँ661
आवेदन प्रारंभ तिथि26 दिसंबर 2024
आवेदन अंतिम तिथि25 जनवरी 2025
लिखित परीक्षा तिथि18 जनवरी 2026
परीक्षा स्तरराज्य स्तर
परीक्षा की आवृत्तिवार्षिक
परीक्षा चरणलिखित परीक्षा, टाइपिंग टेस्ट (क्वालिफाइंग), दस्तावेज़ सत्यापन, चिकित्सा परीक्षा
परीक्षा अवधिलिखित परीक्षा: 120 मिनट
आधिकारिक वेबसाइटUPSSSC
UPSSSC परीक्षा बैनर पर ऑफ़र विवरण दिखा रहा है


UPSSSC स्टेनोग्राफर सिलेबस में कितने विषय हैं?

UPSSSC स्टेनोग्राफर पाठ्यक्रम में कुल 5 महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। UPSSSC स्टेनोग्राफर अधिसूचना में उल्लिखित प्रमुख विषय नीचे दिए गए हैं:

अनुभागउद्देश्यशामिल प्रमुख विषय
हिंदी ज्ञान एवं लेखन क्षमताहिंदी भाषा की दक्षता का मूल्यांकन, विशेष रूप से अनुप्रयोग एवं लेखन कौशल पर जोरशब्दावली (शब्दार्थ सहित), व्याकरण – संधि, समास, उपसर्ग-प्रत्यय, वाक्य संशोधन, मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ, गद्यांश (अपठित बोध), लघु पत्र लेखन, अनुच्छेद लेखन
सामान्य बुद्धिमत्ता (General Intelligence)तार्किक सोच एवं विश्लेषणात्मक क्षमता का आकलन (तथ्यात्मक ज्ञान नहीं)संख्या एवं अक्षर श्रेणी, उपमा (Analogies), समानताएँ एवं भिन्नताएँ, कूटलेखन-कूटपठन, पहेलियाँ, पैटर्न पहचान, तार्किक निर्णय एवं निर्णय-निर्माण
सामान्य ज्ञानराष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्थैतिक व समसामयिक विषयों की जानकारी का मूल्यांकनभारतीय इतिहास एवं संस्कृति, संविधान एवं राजनीति, विज्ञान एवं तकनीकी विकास, अर्थव्यवस्था एवं राष्ट्रीय योजनाएँ, समसामयिकी (राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय), भारतीय भूगोल की मूल बातें
कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकीबुनियादी कंप्यूटर साक्षरता एवं व्यावहारिक ज्ञान की जाँच (स्कोरिंग सेक्शन)कंप्यूटर की मूल बातें (हार्डवेयर बनाम सॉफ्टवेयर), ऑपरेटिंग सिस्टम (विंडोज, लिनक्स), एमएस ऑफिस (वर्ड, एक्सेल), इंटरनेट एवं ई-मेल का उपयोग, कंप्यूटर संक्षिप्ताक्षर, नेटवर्किंग की मूल बातें
उत्तर प्रदेश का सामान्य ज्ञानUPSSSC परीक्षाओं के लिए आवश्यक राज्य-विशेष ज्ञान का परीक्षणउत्तर प्रदेश का इतिहास एवं स्वतंत्रता आंदोलन, भूगोल एवं प्राकृतिक संसाधन, अर्थव्यवस्था एवं अवसंरचना, संस्कृति, त्योहार एवं परंपराएँ, राज्य शासन व्यवस्था, उत्तर प्रदेश समसामयिकी एवं सामाजिक योजनाएँ


UPSSSC स्टेनोग्राफर स्किल टेस्ट का सिलेबस क्या है?

यूपीएसएसएससी स्टेनोग्राफर कौशल परीक्षा का पाठ्यक्रम शॉर्टहैंड और टाइपिंग परीक्षा शामिल करता है। कौशल परीक्षा का विवरण नीचे दिया गया है:

अनुभागमूल्यांकन क्षेत्रआवश्यकताएँतैयारी के सुझाव
शॉर्टहैंड टेस्टनिर्देशित भाषण को लिखने की गति एवं शुद्धता का मूल्यांकनहिंदी शॉर्टहैंड: लगभग 80 शब्द प्रति मिनट (अपेक्षित मानक); आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार अंग्रेज़ी शॉर्टहैंड भी शामिल हो सकती हैस्टॉपवॉच के साथ प्रतिदिन डिक्टेशन अभ्यास करें; गति और स्पष्ट लेखन (लेगिबिलिटी) दोनों पर समान ध्यान दें ताकि ट्रांसक्रिप्शन में त्रुटियाँ कम हों
टाइपिंग टेस्टटाइपिंग की गति, शुद्धता एवं सही फॉर्मेटिंग की जाँचहिंदी टाइपिंग गति: लगभग 25 WPM या अधिसूचना में निर्धारित मानक; उच्च शुद्धता अनिवार्यनियमित रूप से समयबद्ध टाइपिंग अभ्यास करें; त्रुटि सुधार, स्पेसिंग और फॉर्मेटिंग पर ध्यान दें ताकि अनावश्यक कटौती से बचा जा सके

UPSSSC स्टेनोग्राफर सिलेबस का विषय-वार भार

UPSSSC स्टेनोग्राफर के पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण विषयों का विषयवार भार अलग-अलग होता है। विवरण नीचे तालिका में देखें:

विषयटॉपिकअपेक्षित प्रश्नों की संख्याअनुमानित वेटेज (%)अंक योगदान
हिंदी ज्ञान एवं लेखन क्षमताशब्दावली एवं शब्दार्थ7–825%7–8
व्याकरण एवं वाक्य सुधार10–1235%10–12
अपठित गद्यांश (Reading Comprehension)6–723%6–7
मुहावरे, वाक्यांश एवं प्रयोग3–413%3–4
सामान्य बुद्धिमत्ताश्रृंखला एवं पैटर्न पहचान4–530%4–5
उपमा एवं वर्गीकरण3–425%3–4
कूटलेखन–कूटपठन एवं तार्किक तर्क2–320%2–3
रक्त संबंध एवं दिशा परीक्षण1–215%1–2
विविध तर्कशक्ति1–210%1–2
सामान्य ज्ञानसमसामयिकी (राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय)6–835%6–8
भारतीय इतिहास एवं संस्कृति3–420%3–4
भारतीय राजनीति एवं संविधान3–420%3–4
भारतीय भूगोल2–315%2–3
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं स्थैतिक GK2–310%2–3
कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकीकंप्यूटर मूलभूत ज्ञान एवं हार्डवेयर4–530%4–5
MS Word, MS Excel एवं ऑफिस टूल्स4–530%4–5
इंटरनेट, ई-मेल एवं सॉफ्टवेयर अवधारणाएँ3–425%3–4
IT शब्दावली एवं बेसिक नेटवर्किंग1–215%1–2
उत्तर प्रदेश का सामान्य ज्ञानउत्तर प्रदेश का इतिहास5–630%5–6
उत्तर प्रदेश का भूगोल4–525%4–5
अर्थव्यवस्था, जनसंख्या एवं सरकारी योजनाएँ4–525%4–5
संस्कृति, त्यौहार एवं विरासत3–420%3–4

UPSSSC स्टेनोग्राफर परीक्षा के लिए स्मार्ट तैयारी रणनीति कैसे बनाएं?

UPSSSC स्टेनोग्राफर परीक्षा को साफ़ करने के लिए एक सही और स्मार्ट तैयारी योजना बनाने के लिए, उम्मीदवारों को टॉपर की रणनीति का पालन करना चाहिए। नीचे दी गई तालिका में, हमने श्री इशु दिवान द्वारा साझा की गई रणनीतियाँ प्रदान की हैं, जो एक UPSSSC स्टेनोग्राफर हैं और मार्च 2022 में शामिल हुए थे। उन्होंने जिन रणनीतियों की सलाह दी, उन्हें देखें:

तैयारी क्षेत्ररणनीति
तैयारी कब शुरू करेंअधिसूचना का इंतज़ार किए बिना जितना जल्दी हो सके तैयारी शुरू करें। लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट की तैयारी साथ-साथ करें।
शॉर्टहैंड की प्राथमिकताशॉर्टहैंड चयन का सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक चरण है। केवल टाइपिंग के भरोसे चयन संभव नहीं है।
दैनिक शॉर्टहैंड अभ्यासबिना ब्रेक के प्रतिदिन शॉर्टहैंड का अभ्यास करें। शुरुआती दौर में गति से अधिक निरंतरता महत्वपूर्ण है।
शुरुआती अभ्यर्थियों के लिए समय प्रबंधननए अभ्यर्थियों को प्रारंभ में शॉर्टहैंड को अधिक समय देना चाहिए, साथ ही बेसिक टाइपिंग अभ्यास भी जारी रखें।
टाइपिंग अभ्यासशॉर्टहैंड के साथ-साथ प्रतिदिन हिंदी टाइपिंग का अभ्यास करें, ताकि शुद्धता बढ़े और परीक्षा परिस्थितियों से परिचय बने।
शॉर्टहैंड सीखने की अवधिशॉर्टहैंड की बेसिक किताब लगभग 6 महीने में पूरी हो सकती है। पूर्ण दक्षता के लिए 3–4 वर्ष का नियमित अभ्यास आवश्यक हो सकता है।
गति विकास (Speed Development)निरंतर अभ्यास से गति अपने-आप बढ़ती है। जल्दबाज़ी न करें; पहले सही आउटलाइन और शुद्धता पर ध्यान दें।
शॉर्टहैंड सिस्टमगुरु सिस्टम और ऋषि सिस्टम दोनों मान्य हैं। अंतर बहुत मामूली होता है और मुख्यतः संकेत/कोड से संबंधित होता है।
कीबोर्ड एवं फॉन्ट चयनअभ्यर्थी इनस्क्रिप्ट (मंगल फॉन्ट) या कृति देव (KrutiDev) में से किसी एक को चुनें और उसी में लगातार अभ्यास करें।
लिखित परीक्षा की तैयारीलिखित विषयों की तैयारी हल्की लेकिन नियमित रखें, जबकि मुख्य फोकस शॉर्टहैंड पर होना चाहिए।
पुनरावृत्ति एवं निरंतरतालगातार रिवीजन और दैनिक अभ्यास अन्य अभ्यर्थियों की तुलना में बढ़त दिलाता है।
समग्र सलाहजल्दी शुरुआत + नियमित शॉर्टहैंड अभ्यास + दैनिक टाइपिंग = चयन की उच्च संभावना

UPSSSC स्टेनोग्राफर परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण उपकरण और संसाधन क्या हैं?

महत्वपूर्ण संसाधनों में निम्नलिखित आधिकारिक पीडीएफ शामिल हैं, मॉक टेस्ट प्लेटफॉर्म की सदस्यता लेना, पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों को हल करना और बहुत कुछ शामिल है। नीचे विवरण दिए गए हैं:

संसाधन प्रकारउद्देश्य
आधिकारिक UPSSSC सिलेबस PDFपरीक्षा के लिए प्रामाणिक संदर्भ और दिशा-निर्देश प्राप्त करना
पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र (Previous Year Papers)परीक्षा पैटर्न, प्रश्नों की प्रकृति और कठिनाई स्तर का विश्लेषण
मॉक टेस्ट प्लेटफॉर्मगति (Speed) और शुद्धता (Accuracy) में सुधार करना तथा वास्तविक परीक्षा का अभ्यास
हिंदी व्याकरण की पुस्तकेंव्याकरणिक अवधारणाओं को मजबूत करना और भाषा पर पकड़ बनाना
कंप्यूटर बेसिक्स गाइडकंप्यूटर के व्यावहारिक उपयोग और मूलभूत ज्ञान को

UPSSSC स्टेनोग्राफर पाठ्यक्रम के मुख्य बिंदु

अभ्यर्थियों के लिए लेख के महत्वपूर्ण बिंदुओं का सार नीचे प्रस्तुत किया गया है। इन्हें ध्यानपूर्वक देखें:

  • लिखित परीक्षा में 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे, कुल 100 अंक के लिए, और परीक्षा अवधि 2 घंटे की होगी।
  • हिंदी ज्ञान एवं लेखन क्षमता अनुभाग का वेटेज सबसे अधिक है, जिसके 30 अंक निर्धारित हैं।
  • सामान्य ज्ञान और उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान मिलकर कुल 40 अंक का योगदान देते हैं, जिससे ये उच्च स्कोरिंग सेक्शन बनते हैं।
  • सामान्य बुद्धिमत्ता अनुभाग में तर्कशक्ति आधारित प्रश्नों के माध्यम से तार्किक एवं विश्लेषणात्मक क्षमता का परीक्षण किया जाता है।
  • कंप्यूटर एवं IT अनुभाग में कंप्यूटर की मूल बातें, MS Office, इंटरनेट और सॉफ्टवेयर से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
  • परीक्षा में निगेटिव मार्किंग लागू है; प्रत्येक गलत उत्तर पर ¼ अंक की कटौती की जाती है।
  • समसामयिकी (Current Affairs), विशेषकर उत्तर प्रदेश से संबंधित, GK सेक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को शॉर्टहैंड और टाइपिंग स्किल टेस्ट में शामिल होना अनिवार्य है।
  • लिखित और स्किल टेस्ट—दोनों में गति (Speed) और शुद्धता (Accuracy) समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
  • टॉपिक-वाइज वेटेज के अनुसार तैयारी करने से स्कोर को बेहतर तरीके से ऑप्टिमाइज़ किया जा सकता है।
  • पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र बार-बार पूछे जाने वाले टॉपिक्स और परीक्षा के कठिनाई स्तर को समझने में सहायक होते हैं।

FAQs

Q.1 UPSSSC स्टेनोग्राफर पाठ्यक्रम में कुल कितने विषय शामिल होते हैं?

UPSSSC स्टेनोग्राफर पाठ्यक्रम में कुल 5 प्रमुख विषय शामिल होते हैं – हिंदी ज्ञान एवं लेखन क्षमता, सामान्य बुद्धिमत्ता, सामान्य ज्ञान, कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी, तथा उत्तर प्रदेश का सामान्य ज्ञान।

Q.2 UPSSSC स्टेनोग्राफर पाठ्यक्रम में हिंदी विषय का महत्व कितना है?

हिंदी ज्ञान एवं लेखन क्षमता विषय का वेटेज सबसे अधिक होता है (लगभग 30 अंक), इसलिए इस विषय की अच्छी तैयारी चयन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।

Q.3 क्या UPSSSC स्टेनोग्राफर पाठ्यक्रम में कंप्यूटर विषय भी शामिल है?

हाँ, पाठ्यक्रम में कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी शामिल है, जिसमें कंप्यूटर की मूल बातें, MS Office, इंटरनेट, ई-मेल और सॉफ्टवेयर से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

Q.4 क्या उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान पाठ्यक्रम का अलग सेक्शन होता है?

हाँ, उत्तर प्रदेश से संबंधित सामान्य ज्ञान एक अलग सेक्शन के रूप में शामिल होता है, जिसमें UP का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और राज्य से जुड़ी समसामयिकी पर प्रश्न आते हैं।

Q.5 क्या पाठ्यक्रम के साथ स्किल टेस्ट की भी तैयारी करनी चाहिए?

बिल्कुल, लिखित परीक्षा के पाठ्यक्रम के साथ-साथ शॉर्टहैंड और टाइपिंग स्किल टेस्ट की तैयारी करना अनिवार्य है, क्योंकि चयन प्रक्रिया में स्किल टेस्ट निर्णायक भूमिका निभाता है।

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